" दुर्गा पूजा समिति , नगर पंचायत सुरसंड प्रत्येक वर्ष शारदीय नवरात्री की पावन बेला में जाति और किसिस वर्ग के राग द्वेष से रहित भाईचारा , बंधुत्व , समभाच और सदभाव के आदर्श वातावरण में प्रत्येक जन , समाज , देश , तथा विश्व के कल्याणार्थ भारतीय अध्यात्मक एवम संस्कृति की दिव्यता तथा देवत्व का परम पवित्र प्रतीक माता श्री दुर्गा जी की वैदिक विधि विधान से पूजा का अनुष्ठान करेगी | "
आजादी के पहले से सुरसंड में होती आ रही है मां दुर्गा की भव्य पूजा
सीमावर्ती सुरसंड में प्रत्येक वर्ष आयोजित की जा रही दुर्गा पूजा का इतिहास बहुत पुराना है। इसके स्थापना को लेकर कई मत प्रचलित हैं। स्थानीय लोगों की...
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सीमावर्ती सुरसंड में प्रत्येक वर्ष आयोजित की जा रही दुर्गा पूजा का इतिहास बहुत पुराना है। इसके स्थापना को लेकर कई मत प्रचलित हैं। स्थानीय लोगों की माने तो ब्रिटिश शासन काल में ही जब जमींदारी प्रथा थी, तब से ही दुर्गा पूजा का आयोजन प्रारंभ हो गया था। कुछ पुराने लोगों का कहना है कि वर्ष 1903 में सुरसंड थाना की स्थापना के साथ ही दुर्गा पूजा का विधिवत आयोजन प्रारंभ हुआ था। कुछ लोग इसके प्रारंभ का वर्ष 1945 को मानते हैं। दुर्गा पूजा समिति से कई वर्षों जुड़े स्थानीय कपड़ा व्यवसायी कृष्ण कुमार सरावगी का कहना है कि शुरुआती दिनों में पूजा का आयोजन सुविधानुसार बाजार क्षेत्र में ही हुआ करता था। लेकिन 1955 के बाद महंथ कमल दास की स्वीकृति और स्थानीय लोगों की सहमति से पूजा स्थल गरीब नाथ मंदिर परिसर में आयोजित किया जाने लगा। जो आज भी सतत जारी है।